उत्तरप्रदेश के मेरठ जिले में एक अंतरधार्मिक विवाह को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। हिंदू युवती आकांक्षा गौतम और मुस्लिम युवक शाहबाज राणा के विवाह को लेकर सामाजिक और राजनीतिक तनाव बढ़ गया है। मामला अब केवल शादी तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि स्थानीय हिंदू संगठनों ने महापंचायत बुलाने का ऐलान कर दिया है।
घटना गंगानगर थाना क्षेत्र के पैराडाइज मंडप में शुक्रवार, १३ फरवरी २०२६ को होने वाली शादी को लेकर सामने आई। पहले ही कुछ संगठनों ने इस विवाह पर आपत्ति जताई और इसे “लव-जेहाद” का मामला बताया।
युवती के चाचा प्रेमचंद गौतम ने स्थानीय पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने आरोप लगाया कि शाहबाज ने लड़की को भ्रमित कर शादी करने की योजना बनाई है। शिकायत के बाद प्रशासन ने विवाह कार्यक्रम को स्थगित कर दिया और मौके पर कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल तैनात किया। इसके साथ ही शाहबाज के खिलाफ धर्मांतरण विरोधी कानून के तहत मामला दर्ज किया गया।
हालाँकि, आकांक्षा ने स्पष्ट किया कि वह स्वेच्छा से अपने मंगेतर से विवाह कर रही थी। उन्होंने कहा कि उनका रिश्ता लगभग छह साल पुराना है और इसमें कोई धर्मांतरण का मामला नहीं है। आकांक्षा ने यह भी बताया कि उनके चाचा निजी संपत्ति के विवाद के कारण इस मामले को बढ़ा-चढ़ा कर पेश कर रहे हैं।
वहीं, कुछ हिंदू संगठनों ने पैरेडाइज मंडप में अब शादी के स्थान पर महापंचायत करने का ऐलान किया है। इसमें सनातन धर्म, सांस्कृतिक चेतना और धर्मांतरण विरोधी जागरूकता जैसे विषय उठाए जाएंगे। प्रशासन ने सुरक्षा कड़ी कर दी है और सभी गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है।
यह विवाद केवल मेरठ तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे उत्तर प्रदेश में अंतरधार्मिक विवाह को लेकर सामाजिक और राजनीतिक विमर्श का हिस्सा बन गया है। व्यक्तिगत स्वतंत्रता, सामाजिक दबाव और कानून की सीमा पर बहस अब भी जारी है।