

पटना (इंसाफ़ टाइम्स डेस्क) आज 22 अगस्त को वक्फ बिल 2024 को लेकर ज्वॉइट पार्लियामेंट्री कमिटी (जेपीसी) की मीटिंग हो रही है
जेपीसी की मीटिंग से पहले केंद्र सरकार के दो महत्वपूर्ण घटक दलों जनता जनता दल यूनाइटेड और लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के राष्ट्रीय अध्यक्षों से मुस्लिम संगठनों के बिहार के वरिष्ठ नेताओं ने मुलाकात किया है
बिहार,उड़ीसा,झारखंड व पश्चिम बंगाल के अमीरे शरीयत अहमद वली फ़ैसल रहमानी के आदेश पर मुस्लिम नेताओं के प्रतिनिधिमंडल ने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और लोजपा सुप्रीमो चिराग पासवान के सामने वक्फ को लेकर अपनी चिंताएं मजबूती से रखी,नेताओं ने कहा की “ये वक्फ बिल आर्टिकल 14-25 और 26 और सुप्रीम कोर्ट के कई फैसलों के खिलाफ है” ,नेताओं ने अपनी बात रखते हुए कहा की “बिहार हिंदू धर्म एक्ट में साफ़ लिखा है की हिंदू ही इस के जिम्मेदार और सदस्य होंगे,इसी तरह देश भर में अलग अलग समाज के प्रॉपर्टी में ऐसे प्रावधान है,तो वक्फ एक्ट में दूसरे लोग कैसे सदस्य बन सके हैं?”, मुस्लिम नेताओं ने सरकार के इस कदम को धार्मिक भावनाओं के खिलाफ़ और पुलिस के लिए प्रॉपर्टी के दुरुपयोग का दरवाज़ा खोले जाने का ज़रिया भी बताया”
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने प्रतिनिधिमंडल से कहा की “हम ने मुसलमानों के खिलाफ किसी चीज़ को न बर्दाश्त किया है और न आगे करेंगे”, बिल के बारे में बातों के सामने आने के बाद नितीश कुमार ने कहा की “ये बातें मेरी जानकारी में नहीं थी, और हम ऐसा नहीं होने देंगे, मैं इस को लेकर खुद केंद्र सरकार से बात करूंगा”
जेडीयू के सीनियर नेताओं संजय झा,विजय चौधरी और मनीष वर्मा ने कहा की “वक्फ हित के खिलाफ किसी बिल को पास नहीं होने देंगे,और हमारे जेपीसी के सदस्य आपके मेमोरेंडम व बिल को पढ़ कर और आप से चीजों को समझ कर आगे बढ़ेंगे”
लोजपा सुप्रीमो चिराग पासवान ने कहा की “मेरा एग्रीमेंट जिन समाज से हैं उन में से आप (मुसलमान) भी है, मैं केंद्र सरकार में एक चौकीदार की तरह हूं, मैं आपके हक की चौकीदारी करूंगा,मुसलमान या किसी भी अल्पसंख्यक के साथ कोई अन्याय बर्दाश्त नहीं करूंगा,मैने इसी लिए वक्फ बिल को संसद से पास नहीं होने दिया बल्कि जेपीसी में भेजने की वकालत किया, वक्फ को लेकर जेपीसी के सदस्य मेरे बहनोई अरुण भारती आप (मुस्लिम नेताओं) के संपर्क में रहेंगे और आप से समझ कर अपना कदम उठाएंगे”
मुस्लिम नेताओं के प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व इमारते शरिया के नाज़िम शिबली कासमी कर रहे थे ,जबकि मंडल में खानकाहे रहमानी के फहद रहमानी,खानकाहे मुनअमिया के सज्जादा नशीन शमीमुद्दीन मुनअमि,जमाते इस्लामी बिहार के अध्यक्ष रिज़वान इस्लाही, जमीयते उलमा (अलिफ) बिहार के अध्यक्ष डॉक्टर फैज़ अहमद,खानकाहे मुजीबिया के सज्जादा नशीन मिनहाजुद्दीन कादरी,शिया आलिम मौलाना अमानत हुसैन,जमीयत अहले हदीस बिहार के अध्यक्ष खुर्शीद अहमद मदनी और दूसरे लोग शामिल थे