तेजस्वी से नीतीश का प्यार! सदन में पूछा – “दाढ़ी क्यों नहीं बनाते हो?”

इंसाफ़ टाइम्स डेस्क

बिहार विधानसभा में आज एक दिलचस्प वाकया देखने को मिला जब मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव से मजाकिया लहजे में पूछा, “दाढ़ी क्यों नहीं बनाते हो?” नीतीश की इस टिप्पणी ने सदन में हल्की-फुल्की हंसी का माहौल बना दिया, लेकिन राजनीतिक गलियारों में इसकी चर्चाएं तेज हो गई हैं।

सदन में छाया नीतीश का मजाकिया अंदाज

नीतीश कुमार और तेजस्वी यादव के बीच राजनीतिक खींचतान किसी से छिपी नहीं है, लेकिन सदन में कभी-कभी ऐसा नज़ारा भी देखने को मिलता है, जो गंभीर माहौल को हल्का कर देता है। जब मुख्यमंत्री ने तेजस्वी से दाढ़ी न बनाने को लेकर सवाल किया, तो सदन में मौजूद कई विधायकों की हंसी छूट गई। हालांकि, तेजस्वी ने इस पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी और मुस्कुराते रहे।

राजनीतिक मायने भी निकाले जा रहे

नीतीश कुमार की यह टिप्पणी हल्की-फुल्की बातचीत का हिस्सा थी या इसके पीछे कोई राजनीतिक संकेत था, इस पर चर्चाएं शुरू हो गई हैं। कुछ लोगों का मानना है कि यह सिर्फ मजाक था, जबकि कुछ इसे नीतीश की ओर से एक व्यंग्य के तौर पर देख रहे हैं।

तेजस्वी समर्थकों की प्रतिक्रिया

तेजस्वी यादव के समर्थकों ने इसे बिना वजह तूल देने की बात कही और इसे सदन की सामान्य चर्चा करार दिया। वहीं, कुछ राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि नीतीश और तेजस्वी के बीच प्रेम-नफरत का रिश्ता चलता रहता है, जिसका असर कभी मजाक तो कभी तीखी बहस के रूप में दिखता है।

अब देखना यह है कि तेजस्वी यादव इस पर कोई जवाब देते हैं या फिर इसे यूं ही छोड़ देते हैं। बिहार की राजनीति में हल्के-फुल्के लम्हों की यह घटना लंबे समय तक चर्चा में रहने वाली है।

खुदाबख्श ओरिएंटल पब्लिक लाइब्रेरी को मिली नई नेतृत्वकारी दिशा, उर्दू साहित्य के प्रतिष्ठित शोधकर्ता प्रोफेसर ज़ाहिदुल हक़ निदेशक नियुक्त

प्रख्यात उर्दू विद्वान, शायर और आलोचक प्रोफेसर ज़ाहिदुल हक़ ने आज ऐतिहासिक और राष्ट्रीय महत्व

मौलाना आज़ाद नेशनल उर्दू यूनिवर्सिटी एलुमनाई फ्रेटरनिटी (एमएएफ) ने बिहार के नए डिग्री कॉलेजों में उर्दू विषय को शामिल नहीं किए जाने पर जताई गहरी चिंता

मौलाना आज़ाद नेशनल उर्दू यूनिवर्सिटी एलुमनाई फ्रेटरनिटी (एमएएफ) ने बिहार सरकार द्वारा “सेवन रिजॉल्व्स-3 (2025-30)”

शोध को वास्तविक समाधानों में बदलना:ज़हूर हुसैन बट

आईआईटी कानपुर-एनवाईयू टंडन स्कूल ऑफ इंजीनियरिंग की साझेदारी यह दिखाती है कि उभरती प्रौद्योगिकियों में

मज़फ्फरपुर में उर्दू भाषा प्रकोष्ठ का प्रतियोगिता कार्यक्रम: विद्यार्थियों ने प्रस्तुत की उत्कृष्ट प्रतिभा, ‘उर्दू नामा’ पत्रिका का हुआ लोकार्पण

उर्दू निदेशालय, मंत्रिमंडल सचिवालय विभाग, बिहार सरकार की योजना के अंतर्गत उर्दू भाषा सेल, मज़फ्फरपुर